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रविवार, 28 जनवरी 2018

गर्व का पतन संभव है

PRIDE HAS A FALL

शरद ऋतु का समय था. एक जैतून का पेड़ और अंजीर का पेड़ एक दूसरे के पास खड़े थे. शर्दी में अंजीर के पेड़ ने अपने सभी पत्ते खो दिए और काफी नग्न हो गया. अपने पड़ोसी को ऐसी हालत देखते हुए, जैतून का वृक्ष गर्व के साथ फुसफुसाया.

जैतून के पेड़ ने अंजीर के पेड़ को ताना मरते हुए कहा, "यार तुम कैसे बदकिस्मत हो! आप अपने पत्ते हर शरद ऋतु में खोकर नंगे हो जाते हो। लेकिन मैं पूरे वर्ष के दौर में सदाबहार रहता हूं। '

अंजीर के पेड़ ने तर्क दिया, "दोस्त! मेरा सर्दियों में  नंगा (बिना पत्ते के हो जाना) और तुम्हारा  बर्ष पर्यंत सदाबहार रहना हमारे और तुम्हारे अधिकार क्षेत्र से बहार की बात है. आप और मैं इसके लिए कुछ नहीं कर सकते . लेकिन इसके बारे में छोटे या गर्व महसूस करना ये हमारे दोनों के बस में है. हम अपनी हीनता और दुर्बलता के लिए हीनभावना से ग्रसित नहीं होना चाहिए न ही किसी की दुर्बलता पर हमें हसना चाहिए .

एकबार शरद ऋतू में  कड़ाके की शर्दी पड़ी और उस साल भरी बर्फबारी हुई. एक दिन काफी बर्फ गिरा  जैतून के पेड़ों की पत्तियों गिरी बर्फ के भर से जैतून का पेड़ भारी होकर गिरने लगा. लेकिन अंजीर के पेड़ के लिए, बर्फ इसकी नंगे शाखाओं के माध्यम से जमीन पर गिर गई और यह बर्फ-तूफान से बच गया

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